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बदलता वक्त

 वक्त है ढलता चला जायेगा , देखते जा तेरा अपना भी बदल जायेगा ! न कर गुरुर उसके तेरे होने का,एक माहोल बनेगा और सबकुछ बिछड़ जायेगा!! लोग इतने सच्चे नही जितना तुमने समझ रखा हैं!     थोड़ा ठहर के देख उसने भी मुखौटा पहन रखा हैं!! तुझे अपना कहकर तुझे विश्वास दिला जायेगा,  कुछ दिनों बाद वही किसी और के साथ नजर आएगा !  जीने मरने की वो कसमें अब झूठी हुआ करती है !   देखने मिलेगा दूसरा रंग जब जरुरते पूरी हुआ करती है!!    वक्त  बदलता है ढलता चला जाएगा !                   एक दिन खुद को भी पहला सा नही  पाएगा  !! 🌻Diksha Gajbhiye 🌻❤

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